शिक्षक डायरी
आज भी कुछ देर से ही रूम से निकल पाया
और देवी के दर्शनों के लाभ से वंचित रह गया तभी मै एक ऑटो में बैठा जिसमे 4 लड़कियां आकर बैठी वैसे तो मुझे उनमें कोई इंटरेस्ट नहीं था लेकिन बातो बातो में मैंने भी कुछ बाते की और पता चला कि ज्यादातर लोग अपने प्रिय जनों की फाइलें लिख रहे है अपनी फाइल को ठेके पर दिए है।
खैर मोटू और पतलू की जोड़ी मेरे साथ ही अाई और रास्ते भर इंटरेस्ट न होते हुए भी आंखे अवलोकन कार्य से नहीं चूंकी।
विद्यालय 5 मिनट देर से पहुंचा व…
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