मै किसी भी प्रकार के फेमिनिज्म का सपोर्टर नहीं ।
मैं तो बस आसपास के माहौल को देखकर इतना ही कह सकता हूं जो बलवान होता है वह अपने से कमजोर को हर पल हर क्षण बस दबाने का प्रयास करता है उसका डर यही होता है की दूसरा व्यक्ति उससे आगे ना निकल जाए कुछ इसी तरह हमारे पुरुष समाज में भी बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो महिलाओं को आगे बढ़ने नहीं देते और अब तो हमारा सामाजिक संगठन ही कुछ ऐसा हो गया बहुत सारे लोग चाहते हुए भी अपने घर की महिलाओं को वह सब कुछ अधिकार प्रदान नहीं कर सकते जो कि वह कर सक…
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